NEWS PR डेस्क:मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद बिहार अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गया जिले में विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान कई अस्पतालों और होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में अस्पतालों और होटलों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की जा रही है।उन्होंने बताया कि अब तक जिले के 73 अस्पतालों और 86 होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा चुका है। जांच के दौरान 42 अस्पताल और होटल ऐसे पाए गए, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा था।

नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
अग्निशमन विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को प्रपत्र-‘स’ के तहत नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर एनओसी प्राप्त करने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।अमन कुमार सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय के भीतर नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे भवनों को सील भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। किसी भी स्तर की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।अग्निशमन विभाग के अनुसार आगामी दिनों में सिनेमा हॉल, अपार्टमेंट, पेट्रोल पंप और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य जिले में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम करना है। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
