वाटर पार्क के लिए जमीन नापी पर हंगामा, किसानों के विरोध के बीच प्रशासन ने कराया पैमाइश कार्य

Rashmi Tiwari
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क:पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना को लेकर रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब प्रशासनिक टीम जमीन की पैमाइश करने पहुंची। जमीन पर दावा कर रहे किसानों ने नापी का विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए प्रशासनिक अधिकारी भूमि की नापी कराने पहुंचे थे। जैसे ही पैमाइश का कार्य शुरू हुआ, बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौके पर जुट गए और इसका विरोध करने लगे।
70 वर्षों से खेती करने का दावा
विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि वे पिछले लगभग 70 वर्षों से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं तथा नियमित रूप से लगान भी जमा करते रहे हैं। किसानों के अनुसार, यह जमीन उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख स्रोत है और प्रशासन ने उनकी जमाबंदी को जबरन रद्द कर दिया है।
खेतों में लेट गए किसान और महिलाएं
नापी कार्य रोकने के लिए कई किसान और महिलाएं खेतों में ही लेट गए। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। हंगामे के दौरान किसान नवल यादव की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस सुरक्षा में पूरी हुई पैमाइश
विरोध के बावजूद प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन की नापी का कार्य पूरा कराया। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर जेसीबी मशीन की सहायता से जमीन की मार्किंग भी कराई।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि ‘माली गैरमजरूआ’ श्रेणी की सरकारी जमीन है और नियमानुसार परियोजना के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मौके पर सदर एसडीओ निशांत सिहारा, सदर-2 डीएसपी जितेश पाण्डेय, अंचलाधिकारी सुनील कुमार, थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। वाटर पार्क परियोजना को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच जारी यह विवाद अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article