NEWS PR डेस्क : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार द्वारा कई प्रशासनिक बदलाव और जांच प्रक्रिया में संशोधन के बावजूद मृतक का परिवार संतुष्ट नहीं है। सरकार की ओर से लिए गए हालिया फैसलों के बाद भी परिजनों ने इसे अधूरा न्याय बताते हुए अपनी मुख्य मांग दोहराई है। भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने स्पष्ट कहा कि परिवार सरकार के निर्णयों से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए।

चंदन तिवारी ने कहा, “हम बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। हमारी और हमारी मां की सबसे बड़ी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। पुलिस पर हत्या की धारा लगे और दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा दी जाए।” गौरतलब है कि बिहार सरकार ने इस मामले में देर रात कई अहम निर्णय लिए थे। इनमें जांच प्रक्रिया में बदलाव, मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों पर दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें हटाने, तथा जगदीशपुर एसडीपीओ को जांच प्रक्रिया से अलग करने का निर्देश शामिल है। इसके साथ ही निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज
हालांकि इन कदमों के बावजूद परिवार का कहना है कि जब तक पूरे मामले में आपराधिक कार्रवाई दर्ज नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिला माना जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। सभी की नजरें अब जांच के अगले चरण और उसके नतीजों पर टिकी हैं, जिनसे यह तय होगा कि परिवार को उनकी मांगों के अनुरूप न्याय मिल पाता है या नहीं। आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट
