सुपौल जिले से मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। भीमनगर थाना पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए 11 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से दूसरे जिले ले जाया जा रहा था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, नियमित दिवा गश्ती के दौरान भीमनगर-सहरसा चौक बस स्टैंड के समीप एक संदिग्ध टेम्पू को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन में 11 नाबालिग बच्चे मिले। बच्चों की उम्र लगभग 7 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

रेस्क्यू किए गए बच्चे सुपौल जिले के बीरपुर और अररिया जिले के नरपतगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस एवं जिला स्तरीय मानव व्यापार निषेध इकाई (AHTU) की टीम द्वारा पूछताछ में पता चला कि बच्चों के साथ कोई अभिभावक मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जांच में बच्चों को बहला-फुसलाकर मजदूरी के लिए दूसरे जिले ले जाने की बात सामने आई है।

मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान दरभंगा जिले के बिरोल निवासी रंजीत सहनी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बच्चों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मानव तस्करी और बाल श्रम से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है, जबकि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है, ताकि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से 11 मासूम बच्चों को संभावित शोषण और बाल श्रम के जाल में फंसने से बचा लिया गया। सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
