NEWS PR डेस्क: चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के जरिए मेडिकल रिसर्च, डॉक्टरों और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण सहित कई क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।
बीएचयू परिसर में आयोजित समारोह में आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (बीएचयू) के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह तथा बीएचयू के संकायाध्यक्ष सह कार्यकारी निदेशक डॉ. संजय गुप्ता की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
आईजीआईएमएस के उपनिदेशक प्रो. (डॉ.) विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि इस समझौते के तहत दोनों संस्थान क्लिनिकल रिसर्च, संयुक्त शोध परियोजनाएं, फैकल्टी एक्सचेंज, विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, वैज्ञानिक संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का संयुक्त संचालन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस सहयोग से चिकित्सा अनुसंधान को नई गति मिलेगी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के विकास व उनके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को भी बेहतर उपचार सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
संस्थान के अनुसार, एमओयू के तहत विभिन्न संयुक्त परियोजनाओं पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थानों ने प्रारंभिक तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में इस साझेदारी को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
