NEWS PR डेस्क: भागलपुर, 26 जून। शहर को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने और निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को भागलपुर नगर निगम की ओर से उच्चस्तरीय संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर स्थित निर्माणाधीन एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट), भोलानाथ पुल और बौंसी पुल के पास चल रहे आरओबी कार्यों की समीक्षा की गई। मौके पर मिली खामियों पर नगर आयुक्त ने रेलवे, पुल निर्माण निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियों को 24 घंटे के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण दल में महापौर, उपमहापौर, नगर आयुक्त, संबंधित वार्ड पार्षदों और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। टीम ने जल निकासी व्यवस्था, निर्माण कार्यों की प्रगति और आम लोगों को हो रही परेशानियों का जायजा लिया।
STP चालू नहीं होने से बढ़ी परेशानी
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेलवे यार्ड का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अभी तक कार्यशील नहीं है। इसके कारण गंदा पानी सीधे भोलानाथ पुल के समीप नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां लगातार जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। नगर आयुक्त ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंदे पानी को तत्काल एसटीपी चेंबर की ओर डायवर्ट किया जाए और उपचारित (ट्रीटेड) पानी ही बाहर छोड़ा जाए।

ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और पक्की नाली बनाने के निर्देश
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि भोलानाथ पुल और बौंसी पुल के नीचे रेलवे का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह जाम है। नगर निगम ने तत्काल इसकी सफाई कर जल निकासी बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही मानसून समाप्त होते ही रेलवे क्षेत्र के कच्चे नाले को पक्की संरचना में बदलने के लिए प्राक्कलन (एस्टिमेट) तैयार करने को कहा गया।
जलभराव रोकने के लिए आवश्यक स्थानों पर लगभग एक मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) बनाने का भी निर्देश दिया गया। जिन स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित है, वहां जल निकासी प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी कच्ची नाली बनाने को कहा गया।
धूल नियंत्रण और पाइपलाइन शिफ्टिंग पर भी सख्ती
नगर आयुक्त ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए प्रतिदिन सड़कों की सफाई कराई जाए तथा वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से धूल नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
इसके अलावा बुडको (BUIDCO) और पुल निर्माण निगम को पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए शीघ्र संयुक्त सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया। स्पष्ट किया गया कि जब तक बुडको पाइपलाइन स्थानांतरित नहीं करेगा, तब तक पुल निर्माण निगम किसी भी परिस्थिति में निर्माण कार्य शुरू नहीं करेगा।
24 घंटे में मांगी गई फोटो रिपोर्ट
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान चिन्हित सभी कमियों को 24 घंटे के भीतर दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि रेलवे, पुल निर्माण निगम तथा निर्माण एजेंसियां—श्री राम कंस्ट्रक्शन और हरदेव कंस्ट्रक्शन—सुधारात्मक कार्य पूरा कर उसका सचित्र प्रतिवेदन (फोटो रिपोर्ट) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
नगर निगम का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य शहरवासियों को जलजमाव, गंदगी और धूल की समस्या से जल्द राहत दिलाना तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
