NEWS PR डेस्क:सुपौल: बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। शहर के कृष्णापुरी वार्ड संख्या-4 स्थित एक बंद कमरे से एक नाबालिग बच्ची को बरामद किया गया है। बच्ची का आरोप है कि उसे करीब एक वर्ष तक बंधक बनाकर रखा गया, जबकि उसकी मां को मानव तस्करी का शिकार बनाकर बेच दिया गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

एक साल पहले लापता हुई थीं मां और दोनों बेटियां
पीड़ित बच्ची के पिता मनीष कुमार यादव के अनुसार, जुलाई 2025 में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां अचानक लापता हो गई थीं। उस समय उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन उनका आरोप है कि मामला दर्ज नहीं किया गया। हाल ही में बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बड़ी बेटी की निशानदेही पर मिली छोटी बच्ची
परिजनों ने बड़ी बेटी की निशानदेही पर कृष्णापुरी वार्ड-4 स्थित एक बंद कमरे में खोजबीन की, जहां से छोटी बच्ची को बरामद किया गया। परिजनों के अनुसार, बच्ची की हालत काफी खराब थी। बच्ची ने पुलिस और परिवार के सामने आरोप लगाया कि उसे लंबे समय तक कमरे में बंद रखकर कैद में रखा गया था और उसकी मां को बेच दिया गया है।
एक महिला हिरासत में, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों का बयान दर्ज किया। मामले में एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सुपौल थाना प्रभारी रामसेवक रावत ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस बच्चियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
बाल सुरक्षा और मानव तस्करी पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है। साथ ही, बाल सुरक्षा और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने और आरोपों की सत्यता की जांच में जुटी हुई है।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
