मोतिहारी में फैमिली कवर के पीछे शराब तस्करी का भंडाफोड़, लग्जरी कार से भारी खेप बरामद

कोटवा में वाहन जांच के दौरान लग्जरी कार से शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए ‘फर्जी परिवार’ का इस्तेमाल किया था।

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार के मोतिहारी जिले में शराब तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें तस्करों ने पुलिस और आम लोगों को भ्रमित करने के लिए एक “फर्जी परिवार” का सहारा लिया। मामला कोटवा थाना क्षेत्र का है, जहां उत्पाद विभाग की टीम ने एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में शराब बरामद करते हुए महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

फैमिली कवर में छिपी थी तस्करी की साजिश
जानकारी के अनुसार, वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार को रोका, जिसमें एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा सवार थे। पहली नजर में यह सामान्य परिवार जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस का दावा है कि यह पूरा सेटअप शराब तस्करी को छिपाने के लिए तैयार किया गया था।
शुरुआती जांच में महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए खुद को बेवजह परेशान किए जाने की बात कही। हालांकि, पुलिस ने जब वाहन की गहन तलाशी ली तो सीट के नीचे बनाए गए गुप्त तहखाने से शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।
गुप्त तहखाने में छिपाई गई थी शराब
उत्पाद निरीक्षक शिवेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में सामने आया कि शराब को कार के भीतर बेहद चालाकी से छिपाया गया था, जिसे सामान्य जांच में पकड़ना आसान नहीं था। बरामदगी के बाद पुलिस ने कार में सवार तीनों लोगों को हिरासत में ले लिया।
‘किराए का परिवार’ बनाकर होती थी तस्करी
पुलिस पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। महिला ने कथित रूप से स्वीकार किया कि यह कोई असली परिवार नहीं था, बल्कि तस्करी के लिए तैयार किया गया सेटअप था।
उसके अनुसार, कार चला रहा व्यक्ति उसका पति नहीं था, बल्कि उसे “किराए का पति” बनाकर इस्तेमाल किया गया था। इसके बदले उसे प्रति खेप भुगतान किया जाता था। महिला को 1500 रुपये, पुरुष को 2000 रुपये और साथ मौजूद बच्चे को 500 रुपये दिए जाते थे, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो।
उत्तर प्रदेश से मुजफ्फरपुर तक की थी योजना
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह उत्तर प्रदेश से शराब लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर तक सप्लाई करने की योजना में था। हालांकि, कोटवा में वाहन जांच के दौरान उनकी साजिश नाकाम हो गई।
मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस
इस मामले में पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और क्या इसी तरीके से पहले भी शराब की तस्करी की गई है।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लेकिन “किराए का परिवार” बनाकर शराब तस्करी का यह तरीका पुलिस के लिए भी बेहद चौंकाने वाला है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट

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