सौर एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार बनेगा अग्रणी, उद्योगों को मिलेगी नई ऊर्जा: ऊर्जा सचिव

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 02 जुलाई। स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग बिहार सरकार, ब्रेडा और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय “सोलर एंड सस्टेनेबल एनर्जी समिट एवं प्रदर्शनी” का आयोजन किया गया। समिट के प्रथम दिन आयोजित तकनीकी सत्र में नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों के माध्यम से उद्योगों को सशक्त बनाने तथा ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा कि ऊर्जा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत तथा बिहार में बिजली की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पीक डिमांड में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। एक दशक पहले जहां यह मांग लगभग 1,800 मेगावाट थी, वहीं अब बढ़कर लगभग 9,000 मेगावाट तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के तहत भी विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। विगत वर्ष रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी और पंप स्टोरेज पॉलिसी को लागू किया गया तथा वर्तमान में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी पर भी कार्य किया जा रहा है। आने वाले दिनों में सौर एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार अग्रणी राज्य के रूप में उभरकर सामने आ रहा । उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्रीन ओपन एक्सेस पॉलिसी बनाने में सहयोग हेतु इच्छा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि समिट के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न तकनीकी सत्र ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

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उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में और वृद्धि होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विद्युत वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) और पारेषण (ट्रांसमिशन) नेटवर्क को लगातार सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रिड सबस्टेशन, पावर सबस्टेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की संख्या में भी लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज राज्य में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या देश में दूसरे स्थान पर है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट तथा पंप स्टोरेज परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

कार्यक्रम में ब्रेडा एवं नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने कहा कि पिछले वर्षों में बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। उन्होंने बताया कि विगत 15 वर्षों में राज्य में बिजली की मांग लगभग 13 गुना बढ़ी है। NFMS के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण बिहार में कई वर्षों से प्रतिदिन 22 घंटे से अधिक तथा शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बिजली उपलब्धता के मामले में बिहार अब आत्मनिर्भर बन चुका है और यह उपलब्धि हासिल करने वाले देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग के कुल उपभोक्ता आधार में घरेलू उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी लगभग 89 से 90 प्रतिशत है। साथ ही, भारत सरकार द्वारा जारी डिस्कॉम उपभोक्ता सेवा रेटिंग में NBPDCL ने पिछले वर्ष देश के शीर्ष पांच डिस्कॉम में स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा विभाग की प्रतिबद्धता और बेहतर उपभोक्ता सेवाओं का परिणाम है।

राहुल कुमार ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है। पिछले वर्ष लागू की गई रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2025 को विभिन्न क्षेत्रों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कजरा सोलर परियोजना तथा पंप स्टोरेज पॉलिसी के तहत हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) से संबंधित और भी बड़ी परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा।

समारोह के दौरान “Sustainable Data Centre Policy for Bihar” विषयक रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। इस रिपोर्ट में बिहार में डेटा सेंटर क्षेत्र के सतत एवं हरित विकास की संभावनाओं तथा उससे संबंधित नीतिगत पहलुओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है।

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