NEWS PR डेस्क: आरा/भोजपुर, 03 जून। भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान शुक्रवार को मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मिलने उनके गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
गांव पहुंचने के बाद चिराग पासवान ने भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मृतक की मां आशा देवी भावुक हो गईं। चिराग ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई में परिवार अकेला नहीं है और वे हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कथित एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कानून की रक्षा करने वाले ही कानून तोड़ने लगें, तो आम लोगों का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से बरामद हथियारों और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन प्रथम दृष्टया जिस तरह कार्रवाई हुई, उस पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी मामले में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि बिलौटी गांव पहुंचने से एक दिन पहले चिराग पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की थी।
बता दें कि 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी। पुलिस ने इसे एनकाउंटर बताया था, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है और जांच की मांग तेज होती जा रही है।
