NEWS PR डेस्क: पटना, 05 जुलाई। बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को नई कार्ययोजना के तहत निर्देश जारी किए हैं। अब हत्या, दुष्कर्म, पुलिस पर हमला, सांप्रदायिक घटनाएं, हर्ष फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनकी जांच, चार्जशीट और ट्रायल की नियमित निगरानी की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार इन गंभीर मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित किया जाएगा, ताकि आरोपियों को जल्द सजा मिल सके और पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध हो। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्य जुटाए जाएं तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए।
अवैध हथियार और हर्ष फायरिंग पर सख्ती
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जिलों की पुलिस को अवैध हथियारों की बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा गया है।
सांप्रदायिक मामलों में सतर्क रहने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सांप्रदायिक संवेदनशील घटनाओं पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी विवाद को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
मुख्यालय करेगा नियमित मॉनिटरिंग
एसपी को जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गंभीर मामलों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पुलिस मुख्यालय भेजनी होगी, जहां इनकी लगातार समीक्षा की जाएगी।
माफियाओं की संपत्ति जब्ती अभियान भी होगा तेज
पुलिस मुख्यालय ने संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर आर्थिक चोट पहुंचाने के उद्देश्य से संपत्ति जब्ती अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत थाना स्तर से प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
अब तक राज्य में 1,433 अपराधियों की संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। इनमें 428 मामलों में संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव न्यायालय को भेजा गया है, जबकि 103 मामलों में प्रक्रिया जारी है। अदालत से चार अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के आदेश भी मिल चुके हैं।
सबसे अधिक कार्रवाई पटना और मुजफ्फरपुर जिलों में की जा रही है, जहां 214 अपराधियों की संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। पुलिस का मानना है कि अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई से संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
