मिथिला बागवानी क्लस्टर और राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, सांसद डॉ. गोपाल ठाकुर ने दिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: दरभंगा, 5 जुलाई 2026। मिथिला बागवानी क्लस्टर एवं राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने की।

बैठक में बागवानी एवं मखाना क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर के तहत हाईटेक नर्सरी की स्थापना, ड्रिप सिंचाई का विस्तार, किसानों के प्रशिक्षण, 26 इंटीग्रेटेड पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चैंबर तथा रेफ्रिजरेटेड (रीफर) वाहनों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देने के साथ दरभंगा एयरपोर्ट के माध्यम से कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को नई गति दी जाएगी। इससे केला, आम, लीची और मखाना की वैल्यू चेन मजबूत होगी तथा किसानों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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सांसद डॉ. गोपाल ठाकुर ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की मखाना विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को एकीकृत दृष्टिकोण से विकसित किया जाए ताकि मिथिला के किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।

उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सक्रिय रूप से कार्य करने पर जोर देते हुए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाले एफपीओ की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सांसद ने विश्वास जताते हुए कहा कि “मिथिला का किसान मखाना के क्षेत्र में देश का सबसे समृद्ध किसान बनेगा।”

बैठक में सांसद ने जानकारी दी कि दरभंगा में मखाना की खेती, प्रसंस्करण और व्यापार के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल की जा रही है। उन्होंने मखाना की खेती के साथ कमल, सिंघाड़ा और मत्स्य पालन को जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए दरभंगा को मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और वैश्विक व्यापार का मॉडल जिला बनाने की दिशा में सरकार की पहल का उल्लेख किया।

इसके अलावा किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयास से योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. इंदु शेखर सिंह, जिला उद्यान पदाधिकारी नीरज कुमार झा, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक सुरुचि कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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