NEWS PR डेस्क: पटना, 06 जुलाई। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे और चुनाव कार्यक्रम में किसी प्रकार की देरी की संभावना नहीं है। विभाग ने चुनाव संबंधी तैयारियां तय योजना के अनुसार आगे बढ़ाने का दावा किया है।
मंत्री के अनुसार, इस बार पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था पहले से तय रोस्टर के अनुरूप लागू रहेगी। हालांकि, सीटों के आरक्षण में व्यापक बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे मौजूदा जनप्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
दीपक प्रकाश ने यह भी स्पष्ट किया कि इस चुनाव से पहले पंचायतों और वार्डों का परिसीमन नहीं कराया जाएगा। इसका मतलब है कि मौजूदा भौगोलिक सीमाओं के आधार पर ही मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार का मानना है कि परिसीमन नहीं होने से चुनाव समय पर कराने में प्रशासनिक स्तर पर आसानी होगी।

सरकार की इस घोषणा के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियां स्थानीय स्तर पर तेज होती नजर आ रही हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं, जबकि राजनीतिक दल भी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं, जहां से चुनाव की अधिसूचना, नामांकन की तिथियां और मतदान कार्यक्रम जारी किया जाना बाकी है। पंचायती राज विभाग के ताजा बयान से यह संकेत जरूर मिल गया है कि सरकार समय पर पंचायत चुनाव कराने के अपने फैसले पर कायम है।
