NEWS PR डेस्क: पटना, 08 जुलाई।बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय कार्यों में तेजी लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बीपीएससी टीआरई-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) के लिए अधियाचना हर हाल में 25 जुलाई तक भेज दी जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ सके।
इसके साथ ही आम जनता से जुड़े आवेदनों और शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए भी समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी आवेदन और शिकायतों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बिहार के मॉडल स्कूलों की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। इस विषय पर अगले सप्ताह अलग से समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सुधार संबंधी योजनाओं पर विस्तार से विचार होगा।

शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि अगले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम बिहार का दौरा करेगी। इस दौरान राज्य में चल रही विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी हर महीने कम से कम एक दिन गांवों का दौरा करें और अभिभावकों से सीधे संवाद स्थापित कर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े फीडबैक प्राप्त करें।
बैठक में कोटा, सीकर और देश के अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को इन राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर बिहार के लिए एक समग्र कोचिंग नीति तैयार करने का निर्देश दिया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाना है, जिसके लिए सभी अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
