संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर, उत्कृष्ट आशा कार्यकर्ताओं को सम्मान, खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: जहानाबाद, 09 जुलाई। जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) में जहानाबाद और काको प्रखंड की आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी छिरिड़ वाई भूटिया ने की।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति तथा दोनों प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जहानाबाद को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव वाला जिला बनाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र की प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण सुनिश्चित करें तथा सभी गर्भवतियों की कम-से-कम चार प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराई जाए। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत निर्धारित स्वास्थ्य जांच भी समय पर कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रसव अस्पताल में ही कराया जाए। यदि कोई महिला संस्थागत प्रसव के लिए तैयार नहीं होती है तो इसकी सूचना तत्काल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की नियमित समीक्षा होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार चयनमुक्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान पिछले एक वर्ष में सबसे अधिक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने वाली जहानाबाद और काको प्रखंड की 20-20 आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। वहीं अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को कार्य में सुधार लाने और संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए विशेष निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे प्रखंड स्तर पर संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा प्रसव पूर्व जांच की नियमित समीक्षा करें।

प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को जननी बाल सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी गई। पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक रवि रंजन ने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व, प्रसव पूर्व जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

सिविल सर्जन ने आशा कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर गर्भवती महिलाओं को समय पर सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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