NEWS PR डेस्क: पटना, 11 जुलाई। बिहार में अवैध बालू और पत्थर खनन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है। लगातार हो रहे हमलों और छापेमारी के दौरान सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों के बीच खान एवं भूतत्व विभाग को जल्द ही अपना समर्पित पुलिस बल मिल सकता है। विभाग ने इस दिशा में प्रारंभिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अभी अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार पर्याप्त पुलिस बल समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई प्रभावित होती है, वहीं अधिकारियों को खनन माफियाओं के हिंसक विरोध का भी सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए विभाग अपना अलग सुरक्षा तंत्र विकसित करने की योजना बना रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे सबसे पहले खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के समक्ष रखा जाएगा। मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद इसे वित्तीय स्वीकृति और अंतिम निर्णय के लिए राज्य मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत विशेष पुलिस बल को संदिग्ध खनन वाहनों की जांच, अवैध खनिजों की जब्ती और कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। इससे विभाग को हर अभियान के लिए स्थानीय पुलिस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और छापेमारी की गोपनीयता भी बनी रहेगी।
विभाग का मानना है कि समर्पित पुलिस बल बनने के बाद अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई अधिक तेज, प्रभावी और सुरक्षित होगी। साथ ही खनन माफियाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो भविष्य में इस विशेष पुलिस बल में भर्ती के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
