पश्चिम चंपारण: गंडक नदी का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, कटाव रोकने के लिए ग्रामीणों ने खुद संभाली मोर्चा

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क:पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड स्थित सिसवा मंगलपुर गांव के समीप गंडक नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज कटाव ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से मंगलवार को 1.50 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे गांव के समीप तटबंध कई स्थानों पर धंसने लगा है। आशंका है कि बुधवार सुबह तक पानी का दबाव और बढ़ सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने समय रहते जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) समेत संबंधित अधिकारियों से कटाव रोकने के लिए रेत की बोरियां, लकड़ी के खंभे और पाइलिंग कराने की मांग की थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने आवश्यक आदेश नहीं मिलने का हवाला देकर मामले को टाल दिया।
विभाग की कथित उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने आखिरकार स्वयं ही गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सैंड बैग उठाकर कटाव प्रभावित स्थानों पर लगाना शुरू कर दिया, ताकि नदी के बढ़ते दबाव को रोका जा सके।
स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले लकड़ी के बल्लों की पाइलिंग कर तटबंध को मजबूत किया गया था, लेकिन अब कई स्थानों पर वह कमजोर पड़ चुका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सिसवा मंगलपुर गांव और आसपास की कृषि भूमि को भारी नुकसान हो सकता है।पश्चिम चंपारण मोहम्मद इम्तियाज

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