NEWS PR डेस्क: सहरसा, 15 जुलाई। सत्तरकटैया प्रखंड के मेनहा गांव में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने बुधवार को उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब पूर्व मुखिया संजीव राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव खादीपुर स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए। दोनों ने ऐलान किया कि जब तक कॉलेज स्थापना की दिशा में ठोस पहल का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जबकि जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन, सदर इंस्पेक्टर शशि कुमार राणा, अंचलाधिकारी शिखा सिंह, बीडीओ शारिक अहमद, बिहरा थाना के अपर थानाध्यक्ष विवेक कुमार और एसआई ज्योति कुमारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की।

करीब छह घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान टावर के नीचे सैकड़ों ग्रामीण डटे रहे। प्रशासन लगातार आंदोलनकारियों को समझाने और समाधान निकालने में जुटा रहा। पूरे समय क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
लंबी वार्ता के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद पूर्व मुखिया संजीव राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव सुरक्षित टावर से नीचे उतर आए, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया।
आंदोलन खत्म होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन सहित अन्य अधिकारियों ने मेनहा पहुंचकर प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उपलब्ध जमीन और अन्य जरूरी पहलुओं की जानकारी भी ली।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से डिग्री कॉलेज की मांग की जा रही है। उनका मानना है कि प्रशासन के आश्वासन के बाद अब सरकार जल्द इस दिशा में सकारात्मक फैसला लेगी, जिससे स्थानीय छात्रों, खासकर छात्राओं, को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।
