बिहार में बनेगा AI सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, सरकार ने AI CoE कॉरपोरेशन के गठन को दी मंजूरी

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क:बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (AI CoE) कॉरपोरेशन के गठन तथा इससे संबंधित मेमोरेन्डम ऑफ एसोसिएशन (MoA) एवं आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (AoA) को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय बिहार में एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास तथा तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति प्रदान करेगा।

नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी सोच के अनुरूप बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (Centre of Excellence – CoE) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, शिक्षा और शासन के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होगा।

उन्होंने बताया कि AI CoE कॉरपोरेशन राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक तकनीकों के विकास, संचालन एवं विस्तार के लिए एक प्रमुख संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से बिहार में हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग सुविधाओं, क्लाउड प्लेटफॉर्म, डेटा प्लेटफॉर्म तथा अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, विकास और प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा, जिससे शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स, उद्योगों एवं सरकारी विभागों को विश्वस्तरीय तकनीकी संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इस पहल से राज्य में एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित स्टार्टअप्स और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। युवाओं, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बिहार रोजगार सृजन, तकनीकी उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि AI CoE के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं संबद्ध क्षेत्रों में क्षमता निर्माण, शिक्षा और कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, हैकाथॉन, अनुसंधान गतिविधियां तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।

नीतीश मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में एआई आधारित समाधानों के विकास, कार्यान्वयन और व्यापक उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी, वहीं स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शहरी विकास, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (AI CoE) कॉरपोरेशन का गठन राज्य को डिजिटल परिवर्तन की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा तथा बिहार को देश के प्रमुख एआई नवाचार केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।

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