NEWS PR डेस्क:गया। किशोरियों में मासिक धर्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े मिथकों एवं सामाजिक वर्जनाओं को दूर करने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ गया युवा की ओर से गया मिडिल स्कूल में मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी, स्वच्छता और किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलावों के बारे में विस्तार से बताया गया।

विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में रोटेरियन डॉ. सुरभि कुमारी ने मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इससे जुड़े मिथकों और सामाजिक भ्रांतियों पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी प्रकार की झिझक या गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।वहीं, रोटेरियन डॉ. कविता निश्छल ने किशोरावस्था (Puberty) के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को इस दौर में सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
संतुलित आहार और आत्मविश्वास पर दिया गया जोर
रोटेरियन अर्चना गोयनका ने मासिक धर्म के दौरान संतुलित आहार, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि इस अवधि में सही खान-पान और साफ-सफाई बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। क्लब अध्यक्ष स्मिता पोद्दार ने किशोरियों को आत्मविश्वास, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वयं की देखभाल के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर रोटेरियन साक्षी जैन भी मौजूद रहीं।
‘हेलो पीरियड्स’ वीडियो और Menstrupedia Comics का किया गया वितरण
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से “हेलो पीरियड्स” शैक्षणिक वीडियो दिखाया गया। इसके अलावा सभी प्रतिभागियों को Menstrupedia Comics वितरित की गई, ताकि वे मासिक धर्म से जुड़ी सही और वैज्ञानिक जानकारी आसानी से समझ सकें।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

जागरूकता बढ़ाने की सराहनीय पहल
आयोजकों ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म के प्रति जागरूक बनाना, मिथकों को दूर करना और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना है। यह पहल स्वास्थ्य शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
