NEWS PR डेस्क: NEWS PR डेस्क: भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पश्चिम चंपारण के लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेष अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। करीब 10 हजार लोगों की स्क्रीनिंग के बाद 17 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है। इन मरीजों के इलाज और पोषण की जिम्मेदारी अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वयं उठाई है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रौशन कुमार ने बताया कि 1 जुलाई से 14 अगस्त तक चल रहे विशेष अभियान के तहत व्यापक स्तर पर टीबी की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सीएचसी में पहले से 65 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। नए मरीजों के मिलने के बाद निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
डॉ. रौशन कुमार के अनुसार, सभी नए मरीजों को सरकार की ओर से निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही अगले छह महीने तक हर माह चावल, दाल, दूध, अंडा और खाद्य तेल सहित पौष्टिक आहार दिया जाएगा, ताकि मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें।
अभियान के तहत फुलवरिया के गोलू कुमार, घमौरा के विपिन कुमार, कटैया के रघु साह और मलाही टोला के भोज साह समेत अन्य मरीजों को पोषण सामग्री वितरित की गई। डॉ. रौशन कुमार ने कहा कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवा लें और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
वहीं, मरीज रघु साह ने बताया कि जम्मू में काम करने के दौरान लगातार खांसी होने पर जांच कराई गई, जिसमें टीबी की पुष्टि हुई। अब लौरिया सीएचसी में नियमित इलाज और पौष्टिक आहार मिलने से उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। इस मौके पर डॉ. आई. हक, डॉ. विजय कुमार गुप्ता, हेल्थ मैनेजर राहुल सिंह, बीसीएम रीना देवी, यक्ष्मा पर्यवेक्षक अंकित कुमारी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्टस्थ्यकर्मी मौजूद रहे। पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
