NEWS PR डेस्क: दरभंगा, 18 जुलाई। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय “उद्योग वार्ता” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने की। इसमें जिले के उद्यमियों, नए उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवाओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य उद्यमियों की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान सुनिश्चित करना तथा राज्य सरकार की औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में उद्योग स्थापना, व्यवसाय विस्तार और निवेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
जिला उद्योग केंद्र की प्रभारी महाप्रबंधक सुरुचि कुमारी ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (एसआईपीबी) की कार्यप्रणाली और निवेश प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियों, वित्तीय मंजूरी, उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम की भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब उद्योग स्थापित करने के लिए विभिन्न विभागों से अलग-अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक स्वीकृतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेशकों को काफी सुविधा मिल रही है।
इस दौरान उद्यमियों ने बिजली आपूर्ति, बैंक ऋण, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने कहा कि विकसित बिहार के निर्माण में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उद्यमियों से लघु उद्योगों के साथ-साथ बड़े और आधुनिक उद्योग स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा बैंकिंग संस्थान भी नए उद्योगों को ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं।
कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त, कार्यपालक अभियंता (विद्युत), वन प्रमंडल पदाधिकारी, राज्य कर संयुक्त आयुक्त, श्रम अधीक्षक, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, बियाडा के उप महाप्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग विभाग के कर्मी मौजूद रहे।
