NEWS PR डेस्क: मोतिहारी,19 जुलाई। पूर्वी चंपारण पुलिस ने हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक तैयार कारतूस, बड़ी संख्या में अर्धनिर्मित कारतूस, कारतूस बनाने की मशीनें, बारूद और अन्य रासायनिक सामग्री बरामद की है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, चकिया थाना क्षेत्र के ओझा टोला स्थित एक ठिकाने पर अवैध रूप से 9 एमएम कारतूस तैयार कर विभिन्न जिलों में सप्लाई किए जा रहे थे। गुप्त सूचना मिलने के बाद चकिया और पकड़ीदयाल डीएसपी के संयुक्त नेतृत्व में मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया और फेनहारा थाना की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर फैक्ट्री का खुलासा किया।
छापेमारी के दौरान कारतूस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर, नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, एसीटोन, चारकोल समेत बड़ी मात्रा में अन्य रासायनिक सामग्री और उपकरण जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि इस फैक्ट्री से लंबे समय से अवैध हथियार तस्करों को कारतूस की आपूर्ति की जा रही थी।

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में फैक्ट्री का कथित मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह भी शामिल है, जो गड़हिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और अवैध कारतूस निर्माण से जुड़े पांच मामले पहले से दर्ज हैं। वर्ष 2012 में वह यूएपीए (UAPA) के मामले में भी जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर से अवैध कारतूस निर्माण का नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कारतूस किन-किन जिलों और किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे। मामले में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी के एंगल से भी जांच की जा रही है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस सफल कार्रवाई के लिए छापेमारी दल की सराहना करते हुए पूरी टीम को सम्मानित करने और 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार और कारतूस के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी जारी है।
