NEWS PR डेस्क: पटना, 20 जुलाई। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 87,383.43 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में अनुपूरक व्यय विवरण प्रस्तुत करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं, केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं और कर्मचारियों से जुड़े प्रतिबद्ध खर्चों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत पेश किए गए इस अनुपूरक बजट में सबसे अधिक राशि वार्षिक योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। इस मद में 57,077.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 32,707.24 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकार की योजनाओं के लिए 24,370.72 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सरकार ने कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य अनिवार्य दायित्वों को पूरा करने के लिए स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के मद में 30,265.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए 39.48 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।
सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त बजट के जरिए विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विधानसभा में अब प्रथम अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। बहस के बाद इसे सदन की मंजूरी के लिए पारित कराया जाएगा।
