NEWS PR डेस्क:पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में मंगलवार को एक घायल वन्यजीव मिलने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने घायल जानवर को तेंदुए का शावक समझकर वन विभाग और रेलवे को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच के बाद पुष्टि की कि वह तेंदुए का शावक नहीं, बल्कि एक वयस्क फिशिंग कैट (मछली बिल्ली) है।

घटना बगहा-खरपोखरा रेलखंड की है। तिरुपति शुगर मिल के समीप रेलवे पुल संख्या-349 के पास ग्रामीणों ने एक घायल वन्यजीव को रेलवे ट्रैक के आसपास देखा। बरसात के मौसम में जंगल के निचले इलाकों में जलभराव के कारण वन्यजीव अक्सर सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। इसी दौरान यह फिशिंग कैट रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गई और घायल हो गई।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
ग्रामीणों की सूचना के बाद बगहा वन क्षेत्र की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान वन कर्मियों ने पाया कि घायल जानवर फिशिंग कैट है, जो वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजाति मानी जाती है। बगहा रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक संतोष पांडेय ने बताया कि ट्रैक पर वन्यजीव के मौजूद होने की सूचना मिलते ही सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों को सावधानीपूर्वक धीमी गति से चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
कमर में लगी चोट, इलाज के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
बगहा के रेंजर श्रीमान मालकर ने बताया कि फिशिंग कैट की कमर में चोट लगी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वह ट्रेन की हल्की चपेट में आने से घायल हुई है। वन विभाग की टीम ने घायल फिशिंग कैट का रेस्क्यू कर उपचार शुरू कर दिया है। चिकित्सकीय देखरेख के बाद जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी, तो उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
