NEWS PR डेस्क: हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद के परिवार से एक दुखद खबर सामने आई है। उनके इकलौते बेटे, अभिनेता-निर्देशक सुनील आनंद का 26 जुलाई की सुबह लंदन में निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्होंने उसी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वर्ष 2011 में उनके पिता देव आनंद का भी निधन हुआ था।

सुनील आनंद की भतीजी जीना नारंग ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। परिवार ने इस दुखद घड़ी में लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने और प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है।
पिता के साथ की थी बॉलीवुड में शुरुआत
सुनील आनंद का अभिनय सफर वर्ष 1984 में शुरू हुआ, जब उन्होंने अपने पिता देव आनंद के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद वह ‘कार थीफ’ और ‘मैं तेरे लिए’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। हालांकि, अभिनय के क्षेत्र में उन्हें अपने पिता जैसी लोकप्रियता और मुकाम हासिल नहीं हो सका। इसके बाद सुनील आनंद ने कैमरे के सामने की बजाय पर्दे के पीछे रहकर काम करना बेहतर समझा और फिल्म निर्माण व प्रोडक्शन से जुड़कर अपने पिता की सिनेमाई विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।।
‘नवकेतन फिल्म्स’ की कमान ..
अभिनय के क्षेत्र में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद सुनील आनंद ने अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला किया। उन्होंने परिवार के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘नवकेतन फिल्म्स’ की कमान संभाली और लंबे समय तक इसके संचालन व रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। देव आनंद की सिनेमाई विरासत को सहेजने, उनके प्रोडक्शन बैनर को आगे बढ़ाने और उसकी पहचान बनाए रखने में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है।
देव आनंद और कल्पना कार्तिक के इकलौते पुत्र
अपने पीछे सुनील आनंद अपनी 94 वर्षीय मां और हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ अभिनेत्री कल्पना कार्तिक, बहन देविका तथा अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। कल्पना कार्तिक और देविका वर्तमान में तमिलनाडु के ऊटी में रहती हैं। सुनील आनंद, दिग्गज अभिनेता देव आनंद और कल्पना कार्तिक के इकलौते पुत्र थे। उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण कड़ी हमेशा के लिए इतिहास का हिस्सा बन गई।
