नवगछिया (भागलपुर): भागलपुर जिले के नवगछिया में मध निषेध विभाग की टीम पर अवैध वसूली, महिलाओं से बदतमीजी और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला परबत्ता थाना क्षेत्र के गरैया चौक का है, जहां बुधवार देर रात छापेमारी के दौरान मध निषेध विभाग की टीम और एक दुकानदार के बीच विवाद हो गया। दुकानदार का आरोप है कि टीम पिछले कई दिनों से उससे पैसे की मांग कर रही थी और रुपये नहीं देने पर झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दे रही थी वहीं दूसरी ओर, विभाग ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि टीम गुप्त सूचना के आधार पर जांच करने पहुंची थी।
दुकानदार ने लगाए गंभीर आरोप, मां और पत्नी से बदतमीजी का दावा
दुकानदार ने बताया कि बुधवार देर रात मध निषेध विभाग की टीम उसकी दुकान पर पहुंची और शराब की तलाश में जांच शुरू कर दी। उसका कहना है कि वह किसी भी तरह का शराब का कारोबार नहीं करता। दुकानदार के अनुसार, टीम के सदस्य पिछले कई दिनों से उससे पैसे की मांग कर रहे थे। उसने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उसके पिता को शराब पीने के मामले में पकड़ने के बाद कथित तौर पर 15 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया था। दुकानदार का कहना है कि जब उसने दोबारा पैसे देने से इनकार किया तो टीम के सदस्यों ने उसकी मां और पत्नी के साथ बदतमीजी की, गाली-गलौज की और माहौल तनाव से भर दिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने विरोध करते हुए टीम के सदस्यों को दुकान से बाहर निकाल दिया। दुकानदार ने यह भी आरोप लगाया कि वहां से जाते समय टीम के वाहन से उसे और उसकी पत्नी को मारने का प्रयास किया गया।
मध निषेध विभाग ने आरोपों को किया खारिज, जांच के बाद होगी तस्वीर साफ
मामले पर मध निषेध थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पिता-पुत्र शराब के अवैध कारोबार में शामिल हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच और छापेमारी के लिए टीम को भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीम द्वारा अवैध वसूली, पैसे मांगने, महिलाओं से बदतमीजी या किसी तरह की धमकी देने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
भागलपुर से रिपोर्टर श्यामानंद सिंह