बिहार के बाद यूपी में महिला वोटर्स पर नजर, 50 हजार रुपये की मदद वाली योजना पर चर्चा तेज

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क | लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ी एक संभावित योजना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद देने वाली योजना पर विचार कर रही है हालांकि, योजना को लेकर अभी तक सरकार की ओर से अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त?
प्रस्तावित योजना के मुताबिक महिलाओं को आर्थिक मदद चरणबद्ध तरीके से देने की चर्चा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा सकती है। इसके बाद यदि भाजपा सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तें देने का प्रस्ताव हो सकता है हालांकि, योजना की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या, भुगतान की अंतिम समय-सारणी और लागू करने की प्रक्रिया को लेकर अभी सरकार का आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर फोकस
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना भी हो सकता है। योजना को महिला कल्याण विभाग के माध्यम से लागू किए जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। इस संभावित पहल की तुलना बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में चुनावी दौर के दौरान महिलाओं के लिए शुरू की गई आर्थिक सहायता योजनाओं से की जा रही है।
बिहार मॉडल की भी हो रही चर्चा
बिहार में महिलाओं को केंद्र में रखकर लागू की गई आर्थिक योजनाओं के बाद उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के फॉर्मूले को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं के बीच सरकार की पहुंच मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित योजना का अंतिम स्वरूप क्या होगा और वास्तव में कितनी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
संभावित योजना को लेकर विपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए आर्थिक मदद की घोषणा का सहारा ले रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार पिछले वर्षों में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता दे सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने प्रस्तावित 50 हजार रुपये सालाना सहायता की चर्चा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह राशि पहले दी जाती तो महिलाओं को अब तक अधिक लाभ मिल सकता था।
उन्होंने सरकार पर महिलाओं के अधिकारों के लिए निर्धारित धन का इस्तेमाल प्रचार में करने का आरोप भी लगाया और प्रस्तावित 20 हजार रुपये की पहली किस्त को लेकर इसे चुनावी वादे के तौर पर पेश किया।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 50 हजार रुपये की प्रस्तावित आर्थिक सहायता योजना को लेकर चर्चाएं जारी हैं। योजना का अंतिम प्रारूप, पात्रता, भुगतान की समय-सारणी और बजट पर सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। तब तक इसे प्रस्तावित योजना के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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