PMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल: मारपीट के विरोध में बंद कीं सेवाएं, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बुधवार रात अस्पताल परिसर में दो जूनियर डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों के काम बंद करने से PMCH की इमरजेंसी समेत कई चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

PMCH में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमला
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) के अध्यक्ष सत्यम कुमार के अनुसार, बुधवार रात अस्पताल परिसर में अज्ञात बदमाशों ने दो जूनियर डॉक्टरों पर लाठी-डंडे और रॉड से हमला किया।घटना के बाद अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई। जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में भी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने किया काम बंद
गुरुवार को बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर अस्पताल परिसर में एकत्र हुए और घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें सुरक्षित कार्यस्थल भी मिलना चाहिए।
इमरजेंसी समेत चिकित्सा सेवाओं पर असर
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद PMCH की इमरजेंसी और अन्य चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा है। बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग
जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मुख्य मांग डॉक्टरों की सुरक्षा और हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई है।
डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि आरोपियों पर कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों का इलाज उनकी प्राथमिकता है, लेकिन सुरक्षित माहौल के बिना वे पूरी जिम्मेदारी और निर्भीकता से काम नहीं कर सकते। जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन से घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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