NEWS PR डेस्क : बिहार में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्यभर में सक्रिय 350 से ज्यादा संदिग्ध कॉन्ट्रैक्ट किलरों का डेटाबेस तैयार किया है। अब STF इन अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। STF के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक 1,716 हार्डकोर और ‘टॉप-10’ अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 63 इनामी अपराधी शामिल हैं, जबकि बिहार से बाहर कार्रवाई करते हुए 27 वांछित अपराधियों को भी पकड़ा गया है।
94 बड़ी आपराधिक घटनाओं को होने से पहले रोका
बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में STF DIG संजय कुमार सिंह ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि STF के मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से 94 आपराधिक घटनाओं को वारदात से पहले ही रोकने में सफलता मिली। इनमें 40 हत्या के मामले, 48 डकैती और झपटमारी से जुड़ी घटनाएं और 6 अन्य आपराधिक मामले शामिल हैं। STF अब जिलेवार संगठित अपराध का डेटाबेस तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य अपराधियों के गिरोह, उनके नेटवर्क और गतिविधियों की पहचान कर उनके खिलाफ लक्षित कार्रवाई करना है।
19 एनकाउंटर, 3 अपराधी ढेर और 18 घायल
STF के अनुसार पिछले आठ महीनों में अपराधियों के साथ 19 मुठभेड़ हुई हैं। इन घटनाओं में 3 अपराधी मारे गए, जबकि 18 अपराधी घायल हुए। वहीं, कार्रवाई के दौरान 2 पुलिसकर्मियों की भी जान गई।
लैंड माफिया पर भी STF की नजर
STF ने जमीन के अवैध कारोबार से जुड़े कथित लैंड माफिया की भी पहचान शुरू कर दी है। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति रखने वाले संदिग्धों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून यानी PMLA के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकती है।

बैंक और ज्वेलरी लूट गिरोह पर शिकंजा
STF ने बैंक, ज्वेलरी और सोने की लूट में शामिल गिरोहों के खिलाफ भी अभियान तेज किया है। इस साल अब तक पुलिस करीब 10 किलोग्राम लूटा हुआ सोना, 50 किलोग्राम चांदी और 11.97 लाख रुपये नकद बरामद कर चुकी है।
STF ने बिहार के बाहर हुई कई बड़ी लूट की घटनाओं को भी सुलझाया है। इनमें मैसूर की ज्वेलरी दुकान में लूट, दाउदनगर थाना क्षेत्र से जुड़ी लूट और क्योंझर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में हुई लूट का मामला शामिल है। इन मामलों में कुल 113 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
33 अवैध मिनी गन फैक्ट्रियां ध्वस्त
अवैध हथियारों के खिलाफ भी STF ने बड़ी कार्रवाई की है। इस साल अब तक 33 अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों को ध्वस्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान एक AK-47, दो INSAS राइफल, 398 देसी हथियार और करीब 1,300 राउंड गोलियां बरामद की गईं। STF के मुताबिक, हथियारों के इस नेटवर्क और इसकी सप्लाई चेन से जुड़े पहलुओं की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी कर रही है।
ड्रोन से अपराधियों के ठिकानों की निगरानी
STF की निगरानी व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। STF के SP अंजनी कुमार ने बताया कि फिलहाल STF के पास हवाई निगरानी और मैपिंग के लिए तीन ड्रोन हैं। इनकी मदद से 45 कुख्यात अपराधियों के ठिकानों की मैपिंग की जा चुकी है।
अधिकारियों की योजना ड्रोन की संख्या बढ़ाने की है, ताकि संवेदनशील इलाकों और संदिग्ध अपराधियों के ठिकानों पर निगरानी और मजबूत की जा सके। मैपिंग के बाद इन ठिकानों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
STF का दावा- बिहार अब माओवाद से मुक्त
STF ने यह भी दावा किया है कि बिहार अब माओवाद से मुक्त हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, 63 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उन्हें राज्य की सरेंडर-कम-रिहैबिलिटेशन नीति के तहत मिलने वाले लाभ दिए गए हैं।
बिहार STF की इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस अब केवल वारदात के बाद अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटेलिजेंस नेटवर्क, डेटाबेस, ड्रोन सर्विलांस और दूसरे राज्यों में कार्रवाई के जरिए अपराधियों के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।