खानकाह मुजीबिया में उर्स पर चादरपोशी, अमन-चैन और भाईचारे के लिए मांगी दुआ

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: फुलवारीशरीफ: ऐतिहासिक खानकाह मुजीबिया में आयोजित सालाना उर्स के मौके पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ दूसरे स्थानों से भी बड़ी संख्या में जायरीन यहां पहुंचे और मजार-ए-मुबारक पर हाजिरी देकर दुआ मांगी।

उर्स के अवसर पर फुलवारीशरीफ विधायक श्याम रजक और फुलवारीशरीफ नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष आफताब आलम ने हजरत मखदूम सैयद शाह पीर मुहम्मद मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह की मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी की। दोनों नेताओं ने बिहार समेत पूरे देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और समृद्धि के लिए दुआ की।
मजार पर चादर और फूल पेश करने पहुंचे जायरीन
उर्स के दौरान खानकाह परिसर में अकीदतमंदों का लगातार पहुंचना जारी रहा। जायरीनों ने मजार पर फूल और चादर पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया और परिवार, समाज, बिहार और देश की तरक्की एवं खुशहाली के लिए दुआ मांगी। खानकाह परिसर में धार्मिक माहौल के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली।
श्याम रजक ने दिया मोहब्बत और इंसानियत का संदेश
चादरपोशी के बाद विधायक श्याम रजक ने कहा कि हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश के मुबारक दिन और उर्स के अवसर पर सभी को मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश अपनाना चाहिए। उन्होंने बिहार, खासकर फुलवारीशरीफ में हमेशा अमन-चैन कायम रहने और सभी लोगों की खुशहाली के लिए दुआ की।
आफताब आलम ने बताई खानकाह की ऐतिहासिक पहचान
वहीं, आफताब आलम ने कहा कि खानकाह मुजीबिया की रूहानी और ऐतिहासिक पहचान पूरे बिहार में है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि उर्स जैसे आयोजन समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
सुरक्षा और सुविधा के रहे इंतजाम
उर्स में बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और खानकाह प्रबंधन की ओर से सुरक्षा एवं सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए उर्स के दौरान जायरीनों ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी की और बिहार समेत पूरे देश में अमन, तरक्की, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। पटना से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट

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