NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल और तिब्बत के चीन सीमा से सटे हिमालयी इलाकों में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। ग्लेशियर के टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ और उसके बाद लगातार हो रही बारिश से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, हालांकि खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाके बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
ग्लेशियर टूटने के बाद मची तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने के बाद पहाड़ी नदियों में अचानक भारी मात्रा में पानी, बर्फ, कीचड़, पत्थर और मलबा आ गया। तेज रफ्तार बाढ़ ने अपने रास्ते में आने वाले कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया। कई मकान, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
आपदा का सबसे ज्यादा असर नेपाल के पहाड़ी और नदी किनारे वाले इलाकों में देखा जा रहा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग टूट जाने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता
नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है वहीं 2,400 से अधिक लोगों के लापता होने से मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लापता लोगों में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिक और यात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं। बचाव दल लगातार मलबे और प्रभावित नदी क्षेत्रों में लोगों की तलाश कर रहे हैं।
बारिश और खराब मौसम ने बढ़ाई बचाव दलों की मुश्किल
आपदा के बाद लगातार बारिश और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी बाधा बन गया है। कई इलाकों में हेलीकॉप्टर से राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने में भी मौसम चुनौती बन रहा है।
बचावकर्मी कठिन परिस्थितियों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने की चीजें, कपड़े और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
नेपाल और तिब्बत सीमा के इलाकों में भारी नुकसान
फ्लैश फ्लड का असर नेपाल के साथ-साथ तिब्बत के चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी पड़ा है। अचानक आई बाढ़ ने पहाड़ी नदी प्रणालियों के आसपास भारी नुकसान पहुंचाया है। कई महत्वपूर्ण सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। आपदा प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। प्रशासन लगातार नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
बिहार के लिए भी बढ़ी चिंता
नेपाल में हो रही लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के लिए भी चिंता बढ़ गई है। नेपाल से निकलने वाली कई नदियां बिहार के रास्ते होकर बहती हैं। ऐसे में नेपाल में अत्यधिक बारिश और जलस्तर बढ़ने का असर बिहार के उत्तरी जिलों पर पड़ सकता है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां नेपाल की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल से आने वाली नदियों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे भी बदलाव हो सकता है।