NEWS PR डेस्क: पूर्णिया, 03 सितंबर 2026: जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय के ओपेरा हॉल में हुए इस कार्यक्रम में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति, संगीत, नृत्य, नाट्य कला और नैतिक मूल्यों से सजे समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी शिक्षाओं और भारतीय संस्कृति से जोड़ना था।
पुष्प अर्पित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ विद्यालय के उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र कुमार गुप्ता, निदेशक-प्रधानाचार्या श्रीमती पुलोमा नंदी, उप-प्रधानाचार्य श्री राज कुमार दास, वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक श्री त्रिवेणी पाण्डेय और मध्य विभाग समन्वयक सुश्री ऋचा आनंद सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को पुष्प अर्पित करने के साथ हुआ। श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा सभागार भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर निदेशक-प्रधानाचार्या श्रीमती पुलोमा नंदी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता बताते हुए सत्य, कर्तव्य, साहस, अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की शिक्षाएँ कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का मार्ग दिखाती हैं।
गीत, नृत्य-नाटिका और मटकी फोड़ ने बांधा समां
कार्यक्रम में कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा सभागार कृष्ण भक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद ‘आज के जीवन में श्रीकृष्ण के मूल्य’ विषय पर विद्यार्थियों ने कर्तव्यनिष्ठा, सत्य, धर्म, नेतृत्व, मित्रता, साहस, धैर्य और कर्म के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण कक्षा छठी एवं सातवीं के विद्यार्थियों की नृत्य-नाटिका ‘कृष्ण जन्म – दिव्य अवतरण’ रही। इसमें कंस का अत्याचार, देवकी-वसुदेव का संघर्ष, कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म और वसुदेव द्वारा बाल कृष्ण को गोकुल पहुँचाने के प्रसंगों को अभिनय, संवाद, संगीत और नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। आकर्षक परिधानों और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों की ‘मटकी फोड़’ गतिविधि ने भी खूब उत्साह बढ़ाया। विद्यार्थियों ने इसके माध्यम से एकता, सहयोग, आपसी विश्वास और टीम भावना का संदेश दिया। प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा।
अध्यक्ष ने किया विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन
विद्यालय के अध्यक्ष महोदय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए जन्माष्टमी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने का आह्वान किया साथ ही, उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी।
समापन अवसर पर वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक श्री त्रिवेणी पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, निदेशक-प्रधानाचार्या, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण के प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
समग्र रूप से यह समारोह भक्ति, संस्कृति, संस्कार, रचनात्मकता और सामूहिकता का सुंदर उदाहरण बना। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया कि भारतीय पर्व नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और जीवन के शाश्वत मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।