बाढ़ के बीच नाव पर निकली बारात, दुल्हनिया को लेने पहुंचे शफीक, निकाह के बाद इसी नाव से हुई घर वापसी

Shreya Raj
बाढ़ के बीच नाव पर निकला निकाह, मुश्किल हालात में भी जुड़ी दो जिंदगियां।

NEWS PR डेस्क: कटिहार में बाढ़ की मुश्किलों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो बताती है कि हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण हों, जिंदगी की खुशियां रुकती नहीं हैं। जिले के चार प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। कहीं घरों में पानी घुस गया है तो कहीं सड़कें और रास्ते डूब चुके हैं। इसी बीच शहनाई गूंजी और दुल्हन को लेने के लिए नाव पर बारात निकल पड़ी।

सड़क डूबी तो नाव से पहुंचे दूल्हे

दरअसल, मनिहारी प्रखंड के कालीगंज निवासी मोहम्मद शफीक की शादी बरारी प्रखंड की सुखासन पंचायत के ठोठीबाग निवासी फरहद से तय हुई थी। शादी का दिन आया तो रास्ते में बाढ़ का पानी भरा हुआ था। सड़क से बारात ले जाना मुश्किल था। ऐसे में शफीक ने नाव का सहारा लिया और परिजनों व बारातियों के साथ दुल्हन के घर पहुंच गए।

नाव पर सजे दूल्हे और बारातियों को देखकर लोग कुछ पल के लिए ठहर गए। चारों तरफ बाढ़ का पानी था और बीच में शादी की खुशियां। यह नजारा हर किसी के लिए खास बन गया।

निकाह के बाद नाव से हुई घर वापसी

दुल्हन के घर पहुंचने के बाद निकाह की रस्म पूरी की गई। निकाह के बाद दुल्हन फरहद भी नाव पर सवार हुईं और शफीक के साथ उसी नाव से अपने नए घर के लिए रवाना हो गईं।

शफीक ने बताया कि बाढ़ की वजह से परेशानी जरूर है, लेकिन शादी का दिन पहले से तय था। इसलिए उन्होंने नाव से बारात लेकर पहुंचने का फैसला किया। वहीं, परिजन जहांगीर आलम ने कहा कि हालात मुश्किल हैं, लेकिन निकाह अच्छे से संपन्न होने की खुशी है।

बाढ़ के बीच निकली यह बारात लोगों को यही संदेश दे रही है कि रास्ते डूब जाएं तो नाव सही, लेकिन जिंदगी की खुशियां रुकनी नहीं चाहिए।

कटिहार से रिपोर्टर: रतन कुमार

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