बिहार पंचायत चुनाव पर नया पेंच, पुरानी पंचायत सीमाओं से चुनाव कराने की मांग ने बढ़ाई सरकार की चुनौती ,

Muskan Gupta

NEWS PR डेस्क: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज होती दिख रही है। पंचायत चुनाव पुरानी पंचायत सीमाओं के आधार पर कराने की मांग उठने के बाद सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। पंचायतों के परिसीमन और सीमाओं में बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब पुरानी व्यवस्था के आधार पर चुनाव कराने की मांग की जा रही है।

पुरानी पंचायत सीमा से चुनाव कराने की मांग

पंचायत चुनाव को लेकर उठ रही इस मांग के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि पुरानी पंचायत सीमाओं के आधार पर चुनाव कराने से प्रक्रिया को लेकर पैदा होने वाली कई तरह की जटिलताओं को कम किया जा सकता है। पंचायत स्तर पर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का कहना है कि सीमा में बदलाव का सीधा असर पंचायतों के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है।

परिसीमन से बदले कई समीकरण

पंचायतों के परिसीमन के बाद कई इलाकों में पंचायतों की सीमाओं और संरचना में बदलाव हुआ है। ऐसे में पुरानी पंचायत सीमा से चुनाव कराने की मांग सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी व्यवहारिकता को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। चुनाव की तैयारी के बीच सीमाओं से जुड़े किसी भी बदलाव का असर मतदाता सूची, आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। एक ओर समय पर पंचायत चुनाव कराने की तैयारी जरूरी है, वहीं दूसरी ओर पंचायत की सीमाओं से जुड़े विवाद और मांगों का समाधान भी महत्वपूर्ण है।

यदि पुरानी पंचायत सीमाओं से चुनाव कराने की मांग पर सहमति बनती है तो चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई स्तरों पर बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित विभाग के फैसले पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के साथ यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक चर्चा में आ सकता है।

डेस्क:NEWS PR

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