रिश्वत लेने वाले राजस्व कर्मचारी को सजा, पंचायती राज पदाधिकारी ₹28 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को ब्यूरो को दो अलग-अलग मामलों में सफलता मिली। एक मामले में रिश्वत लेने के आरोपी तत्कालीन राजस्व कर्मचारी को विशेष निगरानी न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दूसरे मामले में लखीसराय के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को ₹28 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

9 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले तत्कालीन राजस्व कर्मचारी को सजा
विशेष न्यायालय निगरानी, पटना के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने निगरानी थाना कांड संख्या 07/2015 में अभियुक्त अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का संख्या-06, प्रखंड फुलवारीशरीफ, पटना को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार दिया। मामला जमीन के नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने से जुड़ा था। परिवादी अरुण कुमार से आरोपी ने ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। निगरानी ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए 23 जनवरी 2015 को ₹9,000 रिश्वत लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।

मामले में अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक ईश्वर प्रसाद द्वारा आरोप-पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई। विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने मामले में प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹9,000 अर्थदंड तथा धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹9,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक भ्रष्टाचार से जुड़े 21 मामलों में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। वर्ष 2025 में कुल 30 मामलों में सजा हुई थी
₹28 हजार रिश्वत लेते प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने ब्रजेश कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, हलसी (अतिरिक्त प्रभार चानन), जिला लखीसराय को ₹28,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ब्यूरो के मुताबिक, लखीसराय निवासी परिवादी राम नारायण साव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत राज महेशलेटा के अंतर्गत बसमतिया में नाला निर्माण कार्य के भुगतान के लिए मापी पुस्तिका भरकर देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 108/2026 दर्ज किया गया। पुलिस उपाधीक्षक रणजीत कुमार निराला के नेतृत्व में गठित धावादल ने कार्रवाई करते हुए चानन स्थित कार्यालय कक्ष से ₹28,000 लेते हुए ब्रजेश कुमार को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद उसे विशेष न्यायालय निगरानी, भागलपुर में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
2026 में 108 मामले दर्ज, 100वां ट्रैप केस
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 108वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इनमें यह 100वां ट्रैप केस है। अब तक इन मामलों में कुल 101 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो के अनुसार, 2026 में अब तक रिश्वत के रूप में ₹36.94 लाख बरामद किए गए हैं। इसके अलावा करीब ₹37,000 मूल्य की एक नई वॉशिंग मशीन भी बरामदगी में शामिल है। वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे और ₹37.80 लाख की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।

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