चुनाव आयोग के फैसलों पर उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत कुछ निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ कथित वैधानिक उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।

अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े कुछ फैसले, दिशा-निर्देश और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलाव दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना किए गए। याचिका में ऐसे फैसलों को असंवैधानिक और अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कथित तौर पर कम से कम 14 मौकों पर लिखित आपत्ति दर्ज की। याचिकाकर्ता ने 23 सितंबर 2026 को सामने आए दस्तावेजों को इसका आधार बताया है।
याचिका में SIR से संबंधित कथित तौर पर लिए गए सभी विवादित फैसलों को रद्द करने और मूल फॉर्म-6 को बहाल करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा मतदाता सूचियों से कथित तौर पर करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित करने की मांग की गई है। याचिका में गोवा में 97 सत्यापित नागरिकों को कथित तौर पर मतदान का अधिकार नहीं दिए जाने, पश्चिम बंगाल में कथित 16.10 लाख फैंटम अपीलों और फॉर्म-6 में कथित बदलाव का भी उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ता ने ज्ञानेश कुमार, उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और निर्वाचन आयोग की आईटी प्रमुख सीमा खन्ना के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन अधिकारियों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपने वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया

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