जेब्रा क्रॉसिंग और बिना हेलमेट पर सबसे ज्यादा कार्रवाई, 8 महीने में वसूले 34 करोड़

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: राजधानी की सड़कों पर ऑटोमैटिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ट्रैफिक पुलिस के विशेष जांच अभियान का असर अब आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों यानी जनवरी से अगस्त के बीच यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से 34 करोड़ 1 लाख 67 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में सबसे अधिक उल्लंघन जेब्रा क्रॉसिंग से जुड़ा सामने आया है। कुल वसूले गए जुर्माने में अकेले जेब्रा क्रॉसिंग उल्लंघन की हिस्सेदारी 49.44 प्रतिशत रही। इसके बाद बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई, जिससे कुल जुर्माने का 40.52 प्रतिशत हिस्सा आया।
मार्च में सबसे ज्यादा चालान
पिछले आठ महीनों में मार्च में सबसे ज्यादा चालान काटे गए। इस महीने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 8.36 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। जनवरी में 3.70 करोड़, फरवरी में 4.04 करोड़, अप्रैल में 6.21 करोड़, मई में 4.02 करोड़, जुलाई में 1.83 करोड़ और अगस्त में 5.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नियमों के उल्लंघन में जेब्रा क्रॉसिंग पार करना सबसे बड़ा कारण रहा। इससे 16.81 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जो कुल जुर्माने का 49.44 प्रतिशत है। वहीं, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 13.78 करोड़ रुपये यानी 40.52 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। ओवर स्पीडिंग के मामलों में 0.85 लाख रुपये और दोपहिया वाहनों की रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर0. 79 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसके अलावा कार-कैब द्वारा ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर 27.87 लाख रुपये, बाइक पर ट्रिपल राइडिंग पर 17.73 लाख रुपये, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर 16.98 लाख रुपये और बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर 15.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बिना बीमा प्रमाण पत्र के वाहन चलाने पर 10.83 लाख रुपये तथा भारी वाहनों की रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 10.81 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
कैमरों की निगरानी से बढ़ी कार्रवाई
राजधानी में ऑटोमैटिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए यातायात नियमों की निगरानी के साथ ट्रैफिक पुलिस के विशेष जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूत करना है। वहीं आठ महीनों के आंकड़े बताते हैं कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा है। खास तौर पर जेब्रा क्रॉसिंग, हेलमेट, ओवर स्पीडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामलों पर निगरानी और कार्रवाई तेज हुई है।

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