मोतिहारी:स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) और आतंकी संगठन की एक बड़ी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के ढाका थाना क्षेत्र अंतर्गत बिसरहिया गांव से पुलिस ने पाकिस्तानी ‘शहजाद भट्टी गैंग’ से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी सिराज आलम को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकी के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन ने देशविरोधी साजिश के कई चौंकाने वाले राज उगले हैं।
दिल्ली धमाके के लिए मिला था रिमोट,
खुफिया एजेंसियों और पुलिस की अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि सिराज 15 अगस्त को दिल्ली में होने वाले सीरियल ब्लास्ट की टीम का एक अहम हिस्सा था। साजिश इतनी गहरी थी कि उसे बम ब्लास्ट के लिए रिमोट कंट्रोल भी मुहैया करा दिया गया था। उसे दिल्ली पहुंचने के लिए मधुबनी के एक व्यक्ति ने 10 अगस्त का कन्फर्म टिकट भी बुक करा दिया था। हालांकि, समय रहते उत्तर प्रदेश में इस माड्यूल के कुछ अन्य गुर्गों की गिरफ्तारी हो जाने के कारण दिल्ली दहलाने का यह नापाक मंसूबा फेल हो गया।
इंस्टाग्राम से जुड़ा, वीडियो कॉल पर ली ट्रेनिंग,
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाला सिराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के गुर्गों— अली गुज्जर और अजमल गुज्जर के संपर्क में आया था। उसे संगठन की ओर से बाकायदा फंडिंग भी की जा रही थी। जब्त मोबाइल की जांच में हथियार खोलने, असेंबल करने, चलाने और बम बनाने के कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं। पूछताछ में सामने आया है कि उसे ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग के जरिए यह ट्रेनिंग दी जा रही थी।
सबूत मिटाने का मिला था निर्देश,
दिल्ली का प्लान फेल होने के बाद पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने सिराज को मोबाइल से सारा डाटा (चैट, वीडियो) डिलीट करने और सिम कार्ड नष्ट करने का सख्त निर्देश दिया था। लेकिन वह सिम बदलने में नाकाम रहा, जो अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया है। मोबाइल की डिजिटल फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल का पर्दाफाश किया जा सके।
भारत सरकार लगा चुकी है प्रतिबंध,
विदित हो कि पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क भारत में आईईडी, ग्रेनेड और पेट्रोल बमों के जरिए बड़े आतंकी हमलों और टारगेट किलिंग की योजना बना रहा था। 12 अगस्त को देश के 14 राज्यों में हुई छापेमारी के बाद गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर को ही इस गैंग को प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया है।
फिलहाल गिरफ्तार आतंकी सिराज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, आईबी (IB) सहित अन्य केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि सीमांचल और उत्तर बिहार के कितने और युवाओं को इस पाकिस्तानी नेटवर्क ने बरगला कर अपने जाल में फंसाया है।
मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट ;-