बिहार में भी दिखेगा नए नियमों का असर, LPG से रेलवे तक कई बदलाव

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : पटना: अक्टूबर की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण नियम और प्रक्रियाओं में बदलाव हुआ है। इसका असर LPG सब्सिडी, बैंकिंग, एफडी, आयकर रिटर्न, NPS, UPI और रेलवे यात्रा से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है। उपभोक्ताओं और ग्राहकों के लिए इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है।

LPG सब्सिडी: सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर का लाभ लेने वाले जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उन्हें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिनका प्रमाणीकरण पहले हो चुका है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं होगी।

बैंकिंग नियम: 3 करोड़ रुपये से अधिक की बल्क डिपॉजिट पर बैंकों को ब्याज दरों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। वहीं SBI के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट BSBD खाताधारकों को निर्धारित अवधि में चार नकद निकासी तक शुल्क नहीं देना होगा। इसके बाद शुल्क लागू होगा।


जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र: 21 दिनों के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर देरी के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज और सक्षम अधिकारी की मंजूरी की आवश्यकता हो सकती है। जन्म या मृत्यु का पंजीकरण सामान्य तौर पर 21 दिनों के भीतर कराया जाता है। अधिक देरी वाले मामलों में उच्च स्तर की प्रशासनिक या न्यायिक मंजूरी का प्रावधान है।
ITR की तारीख बढ़ी: टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 है। इससे ऑडिट वाले करदाताओं और कारोबारियों को रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।


UPI और NPS: 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसका भुगतान मर्चेंट करेगा। NPS और NPS Lite में POP शुल्क ढांचे में भी बदलाव हुआ है।
रेलवे जांच: 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट जांच अभियान चलेगा। पटना, दानापुर, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के टिकट और पहचान पत्र की जांच की जाएगी। कुल मिलाकर अक्टूबर के ये बदलाव अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं, बैंक ग्राहकों, करदाताओं और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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