भागलपुर पीरपैंती. प्रखंड मुख्यालय परिसर में पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पंचायतों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए इस दौरान कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ भी नारेबाजी की गयी मानिकपुर पंचायत के मुखिया अरविंद साह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत से जुलूस निकाला।
ग्रामीण पैदल नारेबाजी करते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और धरना में शामिल हुए। पीरपैंती की मुखिया गुलफसा प्रवीण और ओलापुर के मुखिया गुलसागर रजक भी ग्रामीणों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य कैलाश यादव ने भी धरना का समर्थन किया धरना को संबोधित करते हुए मुखिया अरविंद साह ने कहा कि नगर परिषद के प्रस्ताव में पीरपैंती, मानिकपुर तथा ओलापुर पंचायत के आंशिक क्षेत्र को शामिल किया गया है!
इन क्षेत्रों में आज भी करीब 75 प्रतिशत ग्रामीण कृषि, पशुपालन, मजदूरी सहित अन्य ग्रामीण कार्यों पर निर्भर हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने से लोगों की आजीविका और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है मुखिया गुलफसा प्रवीण ने कहा कि पीरपैंती क्षेत्र बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित रहता है यहां की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां ग्रामीण क्षेत्र के अनुरूप हैं वर्तमान में ग्राम पंचायत के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं!
उन्होंने कहा कि ,
ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने से पहले निर्धारित कानूनी मापदंड, वर्ष 2011 की जनसंख्या और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों का अध्ययन किया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि तीनों पंचायतों के अधिकांश लोगों की आजीविका कृषि और कृषि मजदूरी पर निर्भर है इसलिए किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है !
धरना के बाद तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कहलगांव के एसडीएम को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन के माध्यम से जिला पदाधिकारी, भागलपुर से नगर परिषद बनाने के लिए भेजे गये प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गयी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को देखते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए !
भागलपूर से शयामानंद सिंह रिपोर्ट ;-