बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान तेज, अंचल अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक काम पूरा करने का निर्देश

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : पटना। जमाबंदी शुद्धीकरण अभियान को गति देने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी अंचल अधिकारियों के लॉगिन में अधूरी एवं त्रुटिपूर्ण जमाबंदियों का विवरण उपलब्ध करा दिया है। इन जमाबंदियों को रकबा, खाता और खेसरा के अनुसार चिह्नित कर अंचल स्तर पर उपलब्ध कराया गया है। अब अंचल अधिकारियों को रैयत के आवेदन का इंतजार किए बिना उपलब्ध मूल अभिलेखों से मिलान कर इन जमाबंदियों को दुरुस्त करना है। विभाग ने इसके लिए 31 अक्टूबर की समय-सीमा तय की है। इस अवधि में कार्य पूर्ण करने के लिए गति बढ़ाने की जरूरत है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने गुरुवार को शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में पटना, भोजपुर एवं मुंगेर जिले के अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे विशेष अभियान के तहत जिन अधूरी जमाबंदियों की सूची अंचल अधिकारियों के लॉगिन में उपलब्ध कराई गई है, उनका निष्पादन निर्धारित अवधि में हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
लॉगिन में उपलब्ध सूची ही बनेगी सुधार का आधार
सचिव ने कहा कि विभाग के स्तर से अधूरी जमाबंदियों को चिह्नित कर अंचल अधिकारियों के लॉगिन में उपलब्ध कराया गया है। इनमें रकबा, खाता, खेसरा एवं अन्य आवश्यक विवरण के आधार पर जमाबंदियों की जानकारी दी गई है। अंचल अधिकारी अपने लॉगिन में उपलब्ध सूची के आधार पर हलका वार कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके लिए राजस्व कर्मचारियों को उनके हलका में भेजें। उनसे माइक्रो प्लान के हिसाब से कार्य कराएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जमाबंदी सुधार के लिए रैयतों के आवेदन की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। लॉगिन में उपलब्ध कराई गई जमाबंदियों का संबंधित मूल अभिलेखों से सत्यापन कर अंचल स्तर से ही आवश्यक सुधार किया जाना है।
राजस्व कर्मचारियों को हलका स्तर पर उपलब्ध मूल अभिलेखों से मिलान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्थान पर जाकर दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। सचिव ने कहा कि अभियान विभाग की पहल पर शुरू किया गया है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की है। इस दौरान मापी की जरूरत पड़ने पर मुफ़्त में मापी भी कराई जाएगी।
मृत रैयतों की जमाबंदी में उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करें
सचिव ने मृत जमाबंदीदारों के मामलों में भी अंचल स्तर से सक्रिय पहल करने का निर्देश दिया। पंचायत सचिव, सरपंच एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों की सहायता से वंशावली प्राप्त कर उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई पूरी करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराधिकारियों के बीच आपसी बंटवारा नहीं हुआ है तो सभी वैध उत्तराधिकारियों के नाम से जमाबंदी अद्यतन की जाए। इसके लिए भी अनावश्यक रूप से आवेदन की प्रतीक्षा नहीं की जाए।
लॉगिन की सूची से लेकर अंतिम सुधार तक हो नियमित मॉनिटरिंग
जय सिंह ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने लॉगिन में उपलब्ध जमाबंदियों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। कितनी जमाबंदियों का सत्यापन हुआ, कितनी में सुधार किया गया और कितनी जमाबंदियां अभी लंबित हैं, इसकी जानकारी अंचल अधिकारी के पास होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे अभियान को नहीं छोड़ा जा सकता। अंचल अधिकारी स्वयं प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें और 31 अक्टूबर तक लॉगिन में उपलब्ध सभी अधूरी जमाबंदियों के शुद्धीकरण का लक्ष्य पूरा करें।
अभियान बसेरा का हर आवेदन जमा लें
अभियान बसेरा की समीक्षा के दौरान सचिव ने निर्देश दिया कि वासभूमि के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने वाले पात्र भूमिहीन लाभुकों का प्रत्येक आवेदन अनिवार्य रूप से लिया जाए। किसी पात्र लाभुक को आवेदन देने से वंचित नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि लाभुकों को आवेदन के लिए पटना या मुख्यालय आने की जरूरत नहीं है। संबंधित अंचल कार्यालय के साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
अन्य राजस्व कार्यों की भी हुई समीक्षा
समीक्षा के क्रम में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, जमाबंदी वेरिफिकेशन, लॉक-अनलॉक, सरकारी भूमि की पहचान तथा मांग के अनुसार अनस्कैन्ड भू-अभिलेख उपलब्ध कराने सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई।सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कार्य शुरू करें और आवश्यक कागजात के इंतजार में मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। अभियान की प्रगति की मुख्यालय स्तर से नियमित समीक्षा की जा रही है।
सभी भू अभिलेखों का स्कैनिंग प्राथमिकता से करें
सचिव जय सिंह ने समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अंचल अधिकारी अपने अंचल के शेष भू अभिलेखों की स्कैनिंग अवश्य करा लें। विभाग द्वारा ऑनलाइन भू अभिलेख देने की व्यवस्था के बाद यह कार्य प्राथमिकता के साथ करने की जरूरत है। बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, आजीव वत्सराज, संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर, नवाजिश अख्तर एवं अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित पटना, भोजपुर एवं मुंगेर के अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।

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