विद्या विहार में स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता का फाइनल,छात्रों ने दिखाया इनोवेशन और उद्यमिता का हुनर

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क :पूर्णिया। विद्या विहार आवासीय विद्यालय के ई-सेल द्वारा ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे के तत्वावधान में आयोजित एनईसी जूनियर 2026 के अंतर्गत स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता के फाइनल राउंड का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान की क्षमता, नेतृत्व, टीम भावना, प्रभावी संवाद, बाजार की समझ तथा उद्यमिता की भावना को विकसित करना था। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को व्यावहारिक एवं उपयोगी व्यावसायिक अवधारणाओं में परिवर्तित करने का अवसर प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता के अंतिम चरण में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 की दो श्रेणियों से चयनित कुल दस टीमों ने अपने-अपने स्टार्ट-अप विचारों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करते हुए उनके संभावित समाधान प्रस्तुत किए। प्रत्येक टीम ने अपने स्टार्ट-अप की आवश्यकता, समाधान, लक्षित उपयोगकर्ता, विशिष्टता, कार्यान्वयन की प्रक्रिया, संभावित प्रभाव तथा भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ परिचयात्मक संबोधन के साथ हुआ। इस दौरान स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता के उद्देश्य तथा एनईसी जूनियर 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर अपने आसपास की वास्तविक समस्याओं को पहचानने तथा उनके लिए नवीन, व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके पश्चात ई-सेल, विद्या विहार आवासीय विद्यालय के समन्वयक ज्ञान कर्ण ने निर्णायक मंडल के सदस्यों का औपचारिक परिचय कराया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विद्यालय के माननीय सचिव राजेश मिश्रा, प्राचार्य निखिल रंजन, रीता मिश्रा, विवेक राय, वासिक मुस्तफा एवं श्रेष्ठ मल्लिक शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागी टीमों की प्रस्तुतियों को गंभीरता एवं रुचि के साथ देखा तथा विद्यार्थियों से उनके विचारों की व्यवहारिकता, उपयोगिता, नवीनता, बाजार की संभावनाओं, सामाजिक प्रभाव, स्थायित्व एवं भविष्य में विस्तार की क्षमता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ निर्णायकों के प्रश्नों का उत्तर दिया और अपने विचारों की गहरी समझ का परिचय दिया।

प्रतियोगिता के दौरान कक्षा 6 से 8 वर्ग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता एवं उद्यमशील सोच का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस वर्ग में मेडिटैग टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में अर्णव राज, शिवम कुमार, प्रत्यूष कुमार एवं शफकत अमन रज़ा शामिल रहे। टीम ने अपने अभिनव स्टार्ट-अप विचार को आत्मविश्वास एवं स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया और निर्णायकों के प्रश्नों का प्रभावी ढंग से उत्तर दिया।

कक्षा 6 से 8 वर्ग में वेंडेेरा – वेंडिंग मशीन टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस टीम में यश कुमार सौरभ, अंश राज एवं आदर्श जिंदल शामिल रहे। टीम ने एक व्यावहारिक एवं अभिनव अवधारणा प्रस्तुत करते हुए अपने विचार की उपयोगिता एवं संभावित अनुप्रयोगों को प्रभावी ढंग से समझाया।

इसी वर्ग में द इंडियन एडिशन टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टीम के सदस्य सोमित ठाकुर एवं आयुष कुमार रहे। दोनों विद्यार्थियों ने उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ अपने विचार को प्रस्तुत किया तथा अपनी उद्यमशील सोच का परिचय दिया।

कक्षा 9 से 12 वर्ग में विद्यार्थियों ने और अधिक उन्नत एवं प्रभावशाली स्टार्ट-अप अवधारणाओं को प्रस्तुत किया। इस वर्ग में कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन एवं शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित विचार सामने आए। इस वर्ग में एग्री-रिन्यूवर्स टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में ऋषि शेखर, आर्यन कुमार सिंह, विवेक कुमार एवं दिव्यांशु राज शामिल रहे। टीम ने कृषि एवं सतत विकास पर केंद्रित अपने अभिनव विचार के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया। टीम की प्रस्तुति में समस्या की स्पष्ट पहचान, समाधान की व्यवहारिकता तथा संभावित सामाजिक प्रभाव को विशेष रूप से देखा गया।

कक्षा 9 से 12 वर्ग में सनराइड एक्स1 टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। टीम में सार्थक रंजन, विक्रम कुमार एवं चयन अग्रवाल शामिल रहे। टीम ने अपने अभिनव दृष्टिकोण, प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास एवं मजबूत टीमवर्क के माध्यम से निर्णायकों के समक्ष अपने विचार को प्रस्तुत किया।

इस वर्ग में पानी पाठशाला टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टीम में आकर्ष केशव, आलेख कुमार एवं शाही निगम शामिल रहे। टीम ने वास्तविक जीवन की चुनौतियों को उद्यमिता एवं नवाचार के माध्यम से हल करने की दिशा में अपने विचार को उत्साहपूर्वक प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर इंजीनियर आर. के. पॉल, प्राचार्य निखिल रंजन, वाइस प्रिंसिपल गुरचरण सिंह, वाइस प्रिंसिपल गोपाल झा, सुप्रिया मिश्रा, प्रीति पांडेय एवं रीता मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय प्रशासन की उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया तथा उन्हें नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. गौरव कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2 की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों एवं प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपने विचारों पर निरंतर कार्य करने तथा समाज के लिए उपयोगी एवं सकारात्मक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के सचिव राजेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर कार्य करने, चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने तथा भविष्य में एक मजबूत उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि रचनात्मक सोच, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के माध्यम से छोटे विचारों को बड़े बदलाव का आधार बनाया जा सकता है।

इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य निखिल रंजन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों, मार्गदर्शकों, आयोजकों एवं ई-सेल टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को और अधिक व्यवहारिक, प्रभावशाली एवं उपयोगी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा भविष्य में भी ऐसे नवाचारों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं समर्पण की सराहना की गई। विजेता टीमों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी गई तथा अन्य प्रतिभागियों को भी भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को यह समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया कि किसी विचार को केवल एक परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं के संभावित समाधान के रूप में किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

इस सफल आयोजन के लिए विद्यालय नेतृत्व, निर्णायक मंडल, विशिष्ट अतिथि, प्रशासन, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, ई-सेल टीम एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। विशेष रूप से ई-सेल, विद्या विहार आवासीय विद्यालय की पूरी टीम के प्रयासों एवं समर्पण की सराहना की गई, जिनके कुशल समन्वय एवं अथक प्रयास से प्रतियोगिता का फाइनल राउंड सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साथ ही ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे द्वारा एनईसी जूनियर 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता का यह महत्वपूर्ण मंच प्रदान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।

स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता का फाइनल राउंड विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व, आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं उद्यमिता की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने, उनके समाधान विकसित करने तथा उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विचारों ने उनकी रचनात्मक क्षमता, आत्मविश्वास एवं भविष्य के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को प्रदर्शित किया। विद्या विहार आवासीय विद्यालय में आयोजित यह आयोजन विद्यार्थियों के बीच नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम रहा।

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