फरक्का संधि के नवीनीकरण के खिलाफ निशांत, बोले- बिहार के हित में नहीं है समझौता

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क:फरक्का संधि को लेकर बिहार में एक बार फिर सियासत तेज होती नजर आ रही है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने भारत-बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल बंटवारा संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा कि फरक्का संधि का किसी भी स्थिति में नवीनीकरण नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह समझौता बिहार के हित में नहीं है। निशांत के मुताबिक, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के सामने भी बिहार का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा जा चुका है।
बुधवार को निशांत ने कहा कि वह वैशाली में आयोजित ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने फरक्का संधि को लेकर बिहार के हितों को मजबूती से उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार को गंगा के पानी में उसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए, ताकि राज्य की पेयजल, सिंचाई, उद्योग और अन्य जरूरतें पूरी हो सकें।
निशांत ने कहा कि उनके पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं और वे इन उपलब्धियों को लोगों के बीच पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने फरक्का समझौते को भी बिहार के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच करीब तीन दशक पहले हुए इस समझौते के भविष्य पर फैसला लेते समय बिहार के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अगर किसी वजह से संधि का नवीनीकरण होता भी है, तो यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि बिहार को गंगा के पानी में उसका उचित हिस्सा मिले।
गौरतलब है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर फरक्का संधि हुई थी। यह समझौता 30 वर्षों के लिए किया गया था। फरक्का बैराज के जरिए गंगा के पानी के बंटवारे की व्यवस्था इस संधि का प्रमुख हिस्सा है। संधि की अवधि पूरी होने का समय करीब आने के साथ ही इसके नवीनीकरण और भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बिहार लंबे समय से फरक्का बैराज और गंगा के जलप्रवाह को लेकर अपनी चिंताएं केंद्र के सामने उठाता रहा है।

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