NEWS PR डेस्क:पटना। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना ने सैनिटरी पैड निर्माण मशीनों की पूरी आपूर्ति नहीं करने के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए विपक्षी को शिकायतकर्ता की ₹1,30,000 की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, मानसिक पीड़ा एवं आजीविका के अवसरों के नुकसान के लिए ₹75,000 मुआवजा तथा ₹10,000 मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया गया है।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता बिहार उद्यमी योजना की लाभार्थी थीं। उन्होंने IndiaMART के माध्यम से सैनिटरी पैड निर्माण मशीनों की खरीद के लिए विपक्षी को ₹3 लाख का अग्रिम भुगतान किया था। हालांकि, विपक्षी द्वारा कुछ मशीनों की ही आपूर्ति की गई और शेष आवश्यक मशीनें उपलब्ध नहीं कराई गईं। बार-बार आश्वासन एवं कानूनी नोटिस के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विपक्षी की सेवा में कमी को स्वीकार करते हुए शिकायत को आंशिक रूप से एकपक्षीय मंजूरी प्रदान की। आयोग ने आदेश का अनुपालन आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र एवं सदस्य रजनीश कुमार द्वारा पारित किया गया।
मशीनों की पूरी आपूर्ति नहीं करने पर फंसा विक्रेता, पटना उपभोक्ता आयोग ने दिया फैसला