बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह के JDU से निष्कासन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है। गयाजी में मांझी ने कहा कि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करना पार्टी प्रमुख का अधिकार है। इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
अनुशासनात्मक कार्रवाई को बताया सामान्य प्रक्रिया
अनंत सिंह के निष्कासन पर अपनी बात रखते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। यदि कोई नेता पार्टी के खिलाफ काम करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार पार्टी के प्रमुख के पास होता है। मांझी ने इस कार्रवाई को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए इसे बेवजह राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाने की बात कही।
अनंत सिंह के निष्कासन का क्या होगा असर
मांझी ने यह भी कहा कि अनंत सिंह के निष्कासन का आगे क्या राजनीतिक असर पड़ेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, उनके बयान को इस पूरे विवाद पर संतुलित प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि अनंत सिंह के JDU से निष्कासन के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस घटनाक्रम का मोकामा की राजनीति और आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
जीतन राम मांझी ने इस मामले को पार्टी के आंतरिक अनुशासन से जुड़ा विषय बताते हुए राजनीतिक विवाद से दूर रखने की बात कही है।