NEWS PR डेस्क : सुपौल। सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था, गंदगी और जर्जर भवनों की तस्वीर अब धीरे-धीरे बदल रही है। सुपौल जिले में स्वास्थ्य केंद्रों को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत अस्पतालों का रंग-रोगन, मरम्मत और साफ-सफाई कर उन्हें नया स्वरूप दिया जा रहा है। इसका सकारात्मक उदाहरण त्रिवेणीगंज प्रखंड का बाजितपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर है।
कभी जर्जर भवन, परिसर में फैली गंदगी और बड़ी-बड़ी झाड़ियों के कारण बदहाल दिखने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र आज बदला-बदला नजर आ रहा है। अस्पताल की दीवारों पर नया रंग-रोगन किया गया है और परिसर की साफ-सफाई के साथ आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है। अस्पताल का नया स्वरूप स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने भी महसूस किया बदलाव
स्वास्थ्य केंद्र में हुए बदलाव को स्थानीय निवासी भी सकारात्मक मान रहे हैं। स्थानीय निवासी राहुल कुमार बताते हैं कि पहले अस्पताल परिसर में जर्जर इमारतें, गंदगी और जगह-जगह झाड़ियां दिखाई देती थीं। लेकिन कायाकल्प अभियान के तहत अब अस्पताल की साफ-सफाई और रंग-रोगन कराया गया है, जिससे इसका स्वरूप पूरी तरह बदल गया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण से मरीजों तथा उनके परिजनों को काफी राहत मिल रही है। अस्पताल का बेहतर माहौल लोगों के बीच सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रति विश्वास बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहा है।
स्वच्छ अस्पताल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में पहल
बाजितपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ बदलाव सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। अस्पतालों में साफ-सफाई, बेहतर रखरखाव और मरीजों के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।
सुपौल जिले में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत हो रहे ये प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उम्मीद जगा रहे हैं।