बिहार शिक्षा विभाग ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 10,225 शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी है। विभाग के अनुसार, राज्य में 1 लाख 90 हजार शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 51,284 शिक्षकों ने इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर का अनुरोध किया था। हालांकि जिन शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें अभी केवल जिले का आवंटन किया गया है, स्कूल का आवंटन बाद में किया जाएगा।
किस आधार पर हुआ ट्रांसफर?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रांसफर ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन करने वाले उन शिक्षकों का है, जो किसी विशेष समस्या से जूझ रहे थे। ट्रांसफर सूची में शामिल शिक्षकों की समस्याएं निम्नलिखित हैं:असाध्य रोग (कैंसर): 113 पुरुष और 113 महिला शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है।
किडनी, हार्ट और लीवर की बीमारी: 937 पुरुष एवं महिला शिक्षक।दिव्यांगता के आधार पर: 2,685 शिक्षक।मानसिक रूप से अस्वस्थ पारिवारिक सदस्य: 573 शिक्षकों का ट्रांसफर।
स्कूल आवंटन की तिथि- शिक्षकों को स्कूल आवंटन 10 अप्रैल 2025 से 20 अप्रैल 2025 के बीच किया जाएगा। तब तक उन्हें अपने जिले में पोस्टिंग की प्रतीक्षा करनी होगी।ट्रांसफर की प्रक्रिया और नियमशिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यदि किसी शिक्षक ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर गलत जानकारी दी है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।ट्रांसफर के बाद शिक्षक को आवंटित जिला स्वीकार करना होगा।समिति द्वारा शिक्षकों के दिए गए विद्यालय विकल्प को प्राथमिकता के आधार पर माना जाएगा।
अगर प्राथमिकता वाले विद्यालय में जगह नहीं होगी, तो निकटतम पंचायत या प्रखंड के स्कूल में पोस्टिंग दी जाएगी, जिसे स्वीकार करना अनिवार्य होगा।लंबे इंतजार के बाद मिली राहतकई महीनों से ट्रांसफर की राह देख रहे शिक्षकों के लिए यह सूची राहत लेकर आई है। हालांकि अभी स्कूल आवंटन बाकी है, लेकिन जिला परिवर्तन से कई शिक्षकों की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान होगा। शिक्षा विभाग का यह कदम, जरूरतमंद शिक्षकों को उनकी कठिन परिस्थितियों में सहूलियत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।