राजगीर में आस्था का महासंगम, प्रथम शाही स्नान के साथ शुरू हुआ मलमास मेला

Amit Singh
A grand gathering of faith in Rajgir, the Malmas fair began with the first royal bath.
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: राजगीर, 27 मई। बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक नगर राजगीर में बुधवार से विश्वप्रसिद्ध मलमास मेले का शुभारंभ हो गया। पुरुषोत्तमी एकादशी और स्वार्थ सिद्धि योग के पावन अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में पहले शाही स्नान के साथ मेले की शुरुआत हुई। जैसे ही साधु-संतों के अखाड़ों ने पवित्र कुंडों में डुबकी लगाई, पूरा राजगीर “हर-हर महादेव” और धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा।

बिहार का ‘मिनी कुंभ’ कहे जाने वाले इस मेले में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। जिला प्रशासन के मुताबिक पहले दिन करीब दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंगलवार रात से ही राजगीर में श्रद्धालुओं और संतों का आगमन शुरू हो गया था। सुबह होते-होते ब्रह्मकुंड, सप्तधारा और अन्य गर्म जलकुंडों के आसपास लंबी कतारें लग गईं।

मलमास मेले की पारंपरिक शुरुआत उदासीन अखाड़े के संतों द्वारा शाही स्नान से हुई। इसके बाद विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत ध्वज-पताकाओं, नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ स्नान यात्रा में शामिल हुए। खाक चौक, बड़ी संगत, धनियां पहाड़ी संगत, कैलाश आश्रम, कबीर पंथी, फलाहारी बाबा संप्रदाय और सखी संप्रदाय के संतों की मौजूदगी से पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

परंपरा के अनुसार साधु-संतों का पहला स्नान गुरुनानक कुंड में कराया गया। वहां से संतों का जत्था सरस्वती नदी और सप्तधारा होते हुए मुख्य ब्रह्मकुंड पहुंचा, जहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ शाही स्नान संपन्न हुआ। साधु-संतों के स्नान के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए कुंड खोले गए, जहां लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के साथ आस्था की डुबकी लगाई।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र, स्नान घाटों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। साधु-संतों के जत्थों को विशेष ‘रेड कॉरिडोर’ से ब्रह्मकुंड तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि शाही स्नान निर्विघ्न संपन्न हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ‘आपदा मित्र’ और ‘विकास मित्र’ कर्मियों को भी लगाया गया है, जो मार्गदर्शन और भीड़ नियंत्रण में सहयोग कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता है कि मलमास के दौरान 33 करोड़ देवी-देवता राजगीर में निवास करते हैं और यहां के पवित्र गर्म जलकुंडों में स्नान करने से पापों का नाश तथा पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

15 जून तक चलने वाले इस मेले में 22 गर्म जलकुंडों और 52 धाराओं में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। मेले के दौरान तीन शाही स्नान समेत कई धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी प्रमुख स्नान तिथियों में 31 मई को पूर्णिमा स्नान, 5 जून को पंचमी स्नान और 11 जून को पुरुषोत्तमी एकादशी का शाही स्नान शामिल है। 15 जून को अमावस्या स्नान और देवताओं के विसर्जन के साथ मेले का समापन होगा।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article