संत श्री बराहना महिला कॉलेज में नियुक्ति विवाद गहराया, राजद ने लगाए परिवारवाद और अनियमितता के आरोप

महिला कॉलेज नियुक्ति विवाद पर गरमाई राजनीति, राजद ने लगाए परिवारवाद के आरोप

Rashmi Tiwari
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जगदीशपुर नगर स्थित संत श्री बराहना महिला कॉलेज में हाल ही में हुए नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को राजद कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी किशोर कुणाल ने कॉलेज प्रशासन और वर्तमान विधायक सह बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता से दूर रही और योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर रिश्तेदारों एवं करीबी लोगों को लाभ पहुंचाया गया।


रिश्तेदारों को पद देने का आरोप
किशोर कुणाल ने आरोप लगाया कि विधायक के करीबी लोगों को कॉलेज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के पूर्व निजी सहायक अरुण प्रसाद को कॉलेज का सचिव बनाया गया, जबकि मंत्री परिवार से जुड़े कई लोगों को प्रोफेसर समेत अन्य पदों पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब शैक्षणिक संस्थानों में योग्यता की जगह रिश्तेदारी और प्रभाव का महत्व रह गया है। साथ ही दावा किया कि पूर्व अध्यक्ष और पूर्व विधायक के कार्यकाल में इस प्रकार परिवार विशेष को लाभ पहुंचाने की शिकायत सामने नहीं आई थी।


प्राचार्य पर भी लगे गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान कॉलेज के प्राचार्य दिनेश कुमार मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। किशोर कुणाल ने कहा कि प्राचार्य ने अपने पुत्र दीपक कुमार को भंडारपाल तथा दामाद अजीत कुमार तिवारी को कार्यालय लिपिक पद पर नियुक्त कराया है। इसके अलावा रोहतास जिले के कई लोगों को कॉलेज में नौकरी देने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जगदीशपुर के स्थानीय शिक्षित युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
अनुदान राशि में कथित वसूली का आरोप
राजद नेता ने आरोप लगाया कि कॉलेज में नियुक्तियों और अनुदान राशि जारी करने में कथित आर्थिक लेन-देन भी हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने अनुदान राशि दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन भी दिया है।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
किशोर कुणाल ने कॉलेज की सभी नियुक्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराने, चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो मामला विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षा विभाग और राज्यपाल तक ले जाया जाएगा। प्रेस वार्ता में आफताब खान उर्फ भोला खान, अनिल कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, भैया लाल सिंह, अजय यादव, श्यामलाल सिंह, कल्लू कुशवाहा, सलीम अंसारी, मुंजी यादव, हृदयानंद सिंह, सुनील शर्मा, हरेंद्र कुशवाहा और नंद जी सिंह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट

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